प्रोटीन पाउडर से कई गुना बेहतर है घर का खाना

मसल्स बनाने की चाहत युवाओं में बढ़ती जा रही है। इसके लिए छात्र प्रोटीन सप्लीमेंट लेते हैं। प्रोटीन सप्लीमेंट बगैर किसी अच्छे डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के नहीं लेना चाहिए, लेकिन अधिकतर छात्र सिर्फ जिम ट्रेनर की सलाह पर प्रोटीन सप्लीमेंट ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में यह फायदे के बजाय नुकसान कर सकता है। 

प्रोटीन शेक से हो सकता है नुकसान

प्रोटीन शेक पाउडर के रूप में मिलते हैं। इन्हें दूध में मिलाकर पिया जाता है। एक किशोर को दिन में 0.75 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो वजन के हिसाब से लेनी चाहिए। वहीं अगर कोई रोजाना दौड़ता है तो शरीर के वजन के हिसाब से प्रति किलोग्राम 1.5 ग्राम प्रोटीन लेनी चाहिए। मगर प्रोटीन शेक के जरिए शरीर में जरूरत से ज्यादा प्रोटीन जाता है। प्रोटीन की अधिकता से फूड एलर्जी, पाचन तंत्र में गड़बड़ हो सकती है। इतना ही नहीं अधिक मात्रा किडनी तक को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि किडनी को प्रोटीन से निकले नाइट्रोजन को पचाने का काम करना पड़ता है।

मोटापे का होना पड़ सकता है शिकार

कई लैब ने टेस्ट में पाया है कि कई शेक में कैडमियम, आर्सेनिक और लीड जैसे धातु होते हैं, जो ऊत्तकों में जमा होते हैं और विषाक्तता फैलाते हैं। शरीर अधिक मात्रा में लिए गए एमिनो एसिड को भी स्टोर नहीं करता है। यह फैट के तौर पर स्टोर हो जाते हैं। इससे मोटापा बढ़ता है।

व्हे प्रोटीन होता है फायदेमंद


दही से चीज (cheese)बनाने के बाद बचे हुए पानी कोव्हेकहा जाता है। इसी पानी को प्रोसेस कर इसमें से निकाले जाने वाले प्रोटीन कोव्हे प्रोटीनकहा जाता है। इसका इस्तेमाल फूड सप्लीमेंट के तौर पर किया जा सकता है। यह शरीर के लिए लाभदायक होता है।
प्रोटीन पाउडर से कई गुना बेहतर है घर का खाना प्रोटीन पाउडर से कई गुना बेहतर है घर का खाना Reviewed by Yogesh Kumar on 9:48 AM Rating: 5

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